December 23, 2011

अन्ना और आज की राजनीती

समाजसेवी अन्ना हजारे जी जिस लोकपाल बिल की बात कर रहे है आज के भ्रष्ट नेता और संसद कभी भी सही लोकपाल बिल का मसौदा तैयार करने की हिम्मत नहीं कर सकते है . अगर सरकार केंद्रीय जाँच आयोग को लोकपाल के हवाले कर देती है तो आये दिन कोई ना कोई नेता हवालात की हवा खाते नजर आयेंगे । वर्तमान राजनीती में कोई ऐसे चेहरे नहीं है जो दिलो-दिमाग से लोकपाल बिल से सहमत हो । सरकार डरी हुई है अन्ना हजारे को मिले जन- समार्थ्हन से। सरकार अगर सही लोकपाल बिल पारित करवा दे तो वह सरकार , सरकार नहीं बल्कि जन-सेवक बन के रह जाएगी। सही मायने में तभी हम भारतीय सही तरह से लोकतंत्र की परिभाषा को सार्थक कर पाएंगे ।

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