October 17, 2009

दिवाली मुबारक
आया मौसम फिर दिवाली का
आया मौसम फिर दिवाली का
खुशियाँ मना रहे अजीजों सारे
घर आए उनके चाँद सितारे,
किंतु आँगन मेरे घर का देखो, है अब भी सुना-सुना सा।
आया मौसम फिर दिवाली का॥
अंधकार कर रही करुण क्रंदन
गली-गली हो गयी रौशन,
किंतु देखो पथ पे मेरे, जमा हुआ है महफिल तम का
आया मौसम फिर दिवाली का॥
लौ दीपक की हिलोरें ले रही
अखिल विश्व को बधाई दिवाली की दे ,
जगमगाता जग का आलम, मायूशी मेरी , न दूर कर सका।
आया मौसम फिर दिवाली का॥
कवि : बसंत लाल 'चमन'
E-mail ID : gulbdan@gmail.com

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